शुक्रवार, 29 मार्च 2013

मेरी ख़ुशबू उसे आती होगी





: 2 9 मार्च  की मधुर स्मृतियों को समर्पित  :





जब भी तन्हाई की राहों में वो जाती होगी 
मेरी ख़ुशबू उसे आती होगी  . 


भर के सांसो  में मुझको वो पगली 
लाज से खुद में सिमट जाती होगी  .


पूछती होगी दरख्तों से पता मेरा 
रेत पर नाम कोई लिखती- मिटाती  होगी  .


ईद ,रमजान ,मुहर्रम व़ा अकीदत की नमाज 
मेरी यादों में वुजू करके निभाती होगी  .


देखती होगी जब कभी आईना जी भर 
अपनी आँखों से मेरे ख्वाब छिपाती होगी  .


तेरे हुनर पे ख़ुदा  जैसा भरोसा शालीन 
आज भी वो कही इंसान बनाती होगी  .





दिल्ली
2 9  मार्च  2 0 1 3 



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4 टिप्‍पणियां:

संजय भास्‍कर ने कहा…

सोचा की बेहतरीन पंक्तियाँ चुन के तारीफ करून ... मगर पूरी नज़्म ही शानदार है ...आपने लफ्ज़ दिए है अपने एहसास को ... दिल छु लेने वाली रचना ...

संदीप 'शालीन ' ने कहा…

धन्यवाद संजय जी

vijay kumar sappatti ने कहा…

प्यार की खुशबू को आपने शब्दों में पिरो लिया है संदीप भाई .. कहीं कुछ छु सा गया ..

दिल से बधाई स्वीकार करे.

विजय कुमार
मेरे कहानी का ब्लॉग है : storiesbyvijay.blogspot.com

मेरी कविताओ का ब्लॉग है : poemsofvijay.blogspot.com

संदीप 'शालीन ' ने कहा…

धन्यवाद विजय जी